पिंगा की प्रेरणा दाएक कहानी
एक बार की बात है, जंगल में एक समूह जानवर रहते थे जो आपस में हमेशा लड़ते रहते थे। वे खाने-पीने, नींद और आवास के लिए हमेशा झगड़ा करते थे और उनकी झगड़े सदा जंगल की शांति को बाधित करती थी।
एक दिन, एक बुद्धिमान चिड़िया नाम पिंगा ने उन्हें सबक सिखाने का फैसला किया। वह सभी जानवरों को एकता का महत्व समझाना चाहती थी। उन्होंने सभी जानवरों को बुलाया और कहा, "मेरे प्यारे दोस्तों, हमें एकता के साथ रहना सीखना चाहिए। अगर हम एक दूसरे के बीच लड़ाई जारी रखते हैं तो अंत में हम सबको नुकसान होगा।"
जानवरों ने उसकी सलाह को ठुकराया लेकिन पिंगा ने उन्हें एक कहानी सुनाई।
एक बार की बात है, चार दोस्त रहते थे - शेर, चूहा, हिरण और कौवा। वे सभी साथ में एक साथ रहते थे और जब भी एक दूसरे की मदद की जरूरत पड़ी तो उन्होंने एक दूसरे की सहायता की। एक दिन, उन्होंने एक शिकारी का जाला देखा। शेर बहुत बड़ा था इसलिए उसे जाले से निकालना मुश्किल था। हिरण तेज था जिससे उसे जाले में फंसने से बच गया, चूहे का आकार थोड़ा था इसलिए उसे जाल को फँसाने में मदद नहीं कर सकता था, लेकिन कौवा ऊपर से उड़कर अपने दोस्तों को निकाल लिया।"
जानवरों को कहानी से प्रभावित होकर उन्होंने एकता का महत्व समझ लिया। उस दिन से, वे एक दूसरे के साथ शांति से रहना सीख गए और जब भी जरूरत होती तब एक दूसरे की मदद करते थे।